Friday, February 20, 2015

अजीब है ये दुनिया की रीत

अजीब  है ये दुनिया की रीत 



अजीब  है ये दुनिया की रीत
प्रीत को परया और पराये को प्रीत
पल भर में बना देती है
अनचाहे रिश्तों में  बांद के
क़ुरबानी दिलों की ले लेती है 
मोहब्बत को  शहीद करके
रोज़ नए मिसाल कायम करती है
अजीब  है ये दुनिया की रीत

अजीब है ये दुनिया की रीत
प्रीत को परया और पराये को प्रीत
पल भर में बना देती है
अजीब हैं ये दुनिया के रीत 

खामोश लफ्ज़


खामोश लफ्ज़

दिलों में सुलगते आग को
लफ़्ज़ों में बयां न कर पाये हम
अरमानों को दिल में दबाके
अपने आप को जलाते रहे हम
खामोश लफ्ज़ सब कुछ केह गए
और हम यूँ ही खामोश रह गए
पर ख़ामोशी सब कुछ कह के भी बेदाग़ रह गया
हम कुछ न कहके भी यूँ ही बदनाम हो गए


Friday, February 6, 2015

अक्स ए दिल


अक्स ए दिल

कदरदान कहूँ या मेहरबान 
दर्द कहूँ या दवा
कहने को कुछ भी कहूँ
पर हो आप हमारे  लिए कोई ख़ास !
अलविदा थो कभी न लौटने वालों  को कहते  है
जो  जाके भी  दिलों में राज करते है
उन्हें हम  अक्स ए दिल कहते है  

अक्स ए दिल  = reflection of heart.

पल पल इसका जशन मनाएंगे !

पल पल इसका जशन मनाएंगे !

चार  दिन का  साथ  हैं हमारा
पर ज़िन्दगी भर  का सहारा  मिल गया
 दिल के एक कोने को फिर से ज़िंदा कर दिया 
अनकहे अनसुने अरमानों का साज़ छेड़ गया 
आपको पाने की उम्मीद  नहीं, खोने का डर भी  नहीं 
आप न मुसाफिर हो, न हमसफ़र हो
न कोई बंदन है, न कोई रिश्ता है
न कोई नाम है, न कोई अंजाम है
बस  अपनेपन का  एहसास है, एक मिठास हैं

आपका साथ पाके  ऎेसे   लगा ,
जैसे तक़दीर अपना  कोई भूल सुधार रहा हो
हमे आपसे मिलाके  अपना फ़र्ज़ निभा  रहा हो
खुदा के मनसूबे में हमारे सात का किरदार  
छोटा सा ही सही 
इस सात के जस्बे को हम तमाम उम्र निभाएंगे 
और पल पल इसका जशन मनाएंगे !

Friday, January 30, 2015

नाउम्मीद न हो मेरे दोस्त

नाउम्मीद न हो मेरे दोस्त 

 ग़ैरों के खुशियों का मातम न मनाओ
खैरात में किसी को कुछ नहीं है मिलना
नसीब अपना अपना सबको है कमाना !

किसी  के भी तक़दीर के खुदा    
तुम  बन नहीं  सकते
हाँ , अपने आने वाले कल की रचना
आज के कर्मों  से  ज़रूर  कर   सकते

हकीकत  से  समजौता  करलें
जो मिला है उसे मुक़द्दर मानले
क्या पता  आज के लिए
यही सही हो तुम्हारे  लिए

मन के  चैन  से बड़ा कोई तौफा नहीं
सबर से बड़ा कोई इम्तेहान नहीं
हार जीत तो बस धूप छाँव  हैं
एक ही सिक्के के दो पहलूँ है

नाउम्मीद न हो मेरे दोस्त
किस्मत थो  पल पल  आज़माएगी
एक दिन ऐसा भी ज़रूर  आएगा
जब वक़्त तुम्हे भी   नवाजेगा
 यहीं अंतिम सीख है ज़िन्दगी की
 तक़दीर   बदलते देर नहीं लगती
किस्मत  तो बेवफा है
ये कभी किसी एक  की
होके  रह नहीं सकती

   

Wednesday, January 28, 2015

एक उमर बीत गयी


एक उमर बीत गयी
आप की तलाश में
पर यूँ ही पल भर  में ,
पलक  झपकते ही दूर होगये
इसे वक़्त का फरेब कहे
या मुक़द्दर का धोका
जो नसीब का है उसे  शिद्दत से निभाएँगे
उन पाक लम्हों को इबादत बनाएंगे
दर्द ज़रूर है बिछड़ने का 
पर फ़र्ज़ भी तो निभाना है
चंद पल का साथ भी काफी है
मुद्दतों , तक का , सहारा  मिल  गया
कितनी भी दूरी क्यों न हो
कभी फरिश्तों को बुला नहीं पाएंगे
आप हमारे लिए  क्या हो
आपको कभी समजा  नहीं पाएंगे 






Thursday, January 1, 2015

NEW YEARS EV



न ईद है ना दीवाली है
फिर भी खुशियों का माहोल है
इसे संजोग कहो या मुक़द्दर
हम तुम, तुम हम जब साथ हो
तो हर दिन त्योहार है
खुशियों को यूँ ही बाटते, बटोरते रहना
ये आलम बनाए रखन मेरे दोस्तों
ना जाने कब ज़िंदगी की शाम आएगी
और हम सबको जुदा कर देगी
तब इन्ही लम्हों के सहारे
हम जुड़े रहेंगे, बंदे रहेंगे
एक दूसरे के दिल में ज़िंदा रहेंगे
गीले शिखवे छोड़ो
बस चंद पल का सात है
तक़दीर से ज़्यादा और वक़्त से पहले
किसी को कुछ नही है मिलना
अपने नसीब का हमे है खाना
आओ मिलके यादे बनाते है
एक हसीन शाम सजाते है
नया साल मुबारक हो आप सबको
WISHING YOU A VERY BRIGHT 2015.